College Code: (1204) Affiliated to JNCU Ballia +91-5498-220568

About college

भृगु ऋषि की तपोभूमि और बागी बलिया जनपद के 'मालवीय' श्री मुरली मनोहर जी की धर्मपत्नी श्रीमती गुलाब देवी के नाम से सन् 1969 में स्थापित यह महाविद्यालय उत्तरोत्तर प्रगति पथ पर अग्रसर है। महाविद्यालय टाउन एजूकेशनल सोसायटी द्वारा संचालित शिक्षण संस्थाओं में से एक है। आज से 56 वर्ष पूर्व बलिया जनपद में बालिकाओं के प्रति स्वतंत्र चेतना और सम्मान के प्रति सजगता एवं दूरदर्शिता का परिणाम है। बलिया का एकमात्र अशासकीय मान्यता प्राप्त महिला महाविद्यालय होने के कारण इसे यू.जी.सी. की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं प्राप्त है। बुक बैंक, पुस्तकालय, प्रायोगिक उपकरण, भवन निर्माण हेतु अनेक अनुदान इस महाविद्यालय को प्राप्त रहे हैं।

यह संस्था महिलाओं के सर्वांगीण विकास तथा उत्थान के लिए कटिबद्ध है। अनेक अवसर पर यहाँ की छात्राएँ प्रतियोगिताओं में पुरस्कृत होती रही है। यहाँ रेंजर दल राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाइयों संचालित है। प्रतिवर्ष यहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। 'अर्पिता' नाम से महाविद्यालय में पत्रिका का प्रकाशन होता है। क्रीड़ा प्रांगण के अभाव के बावजूद यहाँ हर वर्ष खेल-कूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। यहाँ की छात्राएँ अन्य जनपदों में जाकर सर्वोत्तम प्रदर्शन करती रही हैं। महाविद्यालय के विकास में प्रबन्ध तन्त्र तथा पूर्व प्राचार्यों का सराहनीय योगदान रहा है।

वर्तमान प्राचार्या प्रो० निवेदिता श्रीवास्तव के निरन्तर प्रयास एवं सुयोग्य शिक्षक/शिक्षिकाओं एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की कर्मठता से भरा-पूरा यह महाविद्यालय बलिया जनपद में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाये हुए हैं।

महाविद्यालय के उद्देश्य

  • छात्राओं में उच्च शिक्षा के माध्यम से आत्मविश्वास एवं आत्मनिर्भरता का संचार करना।
  • छात्राओं के समग्र व्यक्तित्व का विकास एवं सम्वर्द्धन करना।
  • भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रीयता का संरक्षण एवं सम्वर्द्धन करना।
  • छात्राओं को शिक्षा द्वारा सामाजिक एवं आर्थिक अधिकारों तथा कर्त्तव्यों के प्रति सचेत करना।
  • छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास एवं इसके माध्यम से सामाजिक समस्याओं, कुरीतियों तथा अन्धविश्वासों का उन्मूलन करना।
  • छात्राओं में रोजगार के प्रति जागरूकता तथा स्व-उद्यमिता के प्रति चेतना जागृत कर भूमण्डलीकरण की चुनौतियों का सामना करने हेतु तैयार करना।
  • शिक्षण विधि में नवाचार, उन्नत शिक्षा प्रणाली, सतत मूल्याकंन तथा छात्राओं की सघन सहभागिता द्वारा महिला शिक्षा में गुणात्मकता स्तरोन्नयन करना।